आज अपनी जिन्दगी की आखरी सांसे गिन रहा हू खामोशी ,गुमनामी ,तनहाई सब तो साथ है ,मै अकेला कहा हू लेकिन बेबस हू क्या करू कुछ समझ में नहीं आता कफ़न तो है पर डालने वाला कोई नहीं इसलिए मौत से पहले खुद को ही कफ़न से ढक रहा हू
आज अपनी जिन्दगी की आखरी सांसे गिन रहा हू खामोशी ,गुमनामी ,तनहाई सब तो साथ है ,मै अकेला कहा हू लेकिन बेबस हू क्या करू कुछ समझ में नहीं आता कफ़न तो है पर डालने वाला कोई नहीं इसलिए मौत से पहले खुद को ही कफ़न से ढक रहा हू
आज अपनी जिन्दगी की आखरी सांसे गिन रहा हू
ReplyDeleteखामोशी ,गुमनामी ,तनहाई सब तो साथ है ,मै अकेला कहा हू
लेकिन बेबस हू क्या करू कुछ समझ में नहीं आता
कफ़न तो है पर डालने वाला कोई नहीं इसलिए
मौत से पहले खुद को ही कफ़न से ढक रहा हू