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Kuch jeet likhu ya haar likhu- hindi kavita

कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
या दिल का सारा प्यार लिखूँ..

कुछ अपनो के ज़ाज़बात लिखूँ या सापनो की सौगात लिखूँ..
मै खिलता सुरज आज लिखूँ या चेहरा चाँद गुलाब लिखूँ..

वो डूबते सुरज को देखूँ या उगते फूल की सांस लिखूँ..
वो पल मे बीते साल लिखूँ या सादियो लम्बी रात लिखूँ..

सागर सा गहरा हो जाऊं या अम्बर का विस्तार लिखूँ..
मै तुमको अपने पास लिखूँ या दूरी का ऐहसास लिखूँ..

वो पहली -पाहली प्यास लिखूँ या निश्छल पहला प्यार लिखूँ..
सावन कि बारिश मेँ भीगूँ या मैं आन्खो की बरसात लिखूँ..

कुछ जीत लिखूँ या हार लिखूँ..
या दिल का सारा प्यार लिखूँ..
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2 Comments

  1. Hopper Liners says:

    That's funny in any language. Did you hear the one about the dog who tried to run backwards?

  2. Blog Hosting says:

    That great to avail the SMS and Poems in the local language, its a great effort…Thanks.

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