प्रेम क्या होता है ?
प्रेम एक मीठा ज़हर है.
प्रेम फ़ुर्सत का व्यापार है
प्रेम मानवता का दूसरा नाम है
प्रेम दिलों को खोलने वाली कुंजी है.
प्रेम ईश्वरिया सौंदर्या की भूख है.
प्रेम समय और स्थान की सीमा से दूर है.
प्रेम एक एसा दिव्य पुष्प है, जो कभी नही मुरझाता
प्रेम ईश्वर की देन ओर जीवन की मधुरतम वास्तु है.