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New hindi shayari : Hoth kah nahi sakte jo fashana

होंठ कह नही सकते जो फसाना दिल का,
शायद नज़र से वो बात हो जाए.
इस उमीद में करते हैं इंतेज़ार रात का,
कि शायद सपने में मुलाक़ात हो जाए.

खुशी से दिल को आबाद करना…
और गम को दिल से आज़ाद करना,
हमारी बस इतनी गुज़ारिश है के हमे भी
दिन मे एक बार याद करना…

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