New hindi shayari : Hoth kah nahi sakte jo fashana
19 May 2010, 8:54 am
होंठ कह नही सकते जो फसाना दिल का, शायद नज़र से वो बात हो जाए. इस उमीद में करते हैं इंतेज़ार रात का, कि शायद सपने में मुलाक़ात हो जाए. – खुशी से दिल को आबाद करना… और गम को दिल से आज़ाद करना, हमारी बस इतनी गुज़ारिश है के हमे भी दिन मे एक बार याद करना…